चकिया: भाजपा सरकार समाज नफरत फैलाने का काम कर रहीं है संविधान में प्रदत्त अधिकारों से वंचित कर आम लोगों को परेशान कर रहीं हैं लेकिन हम सब एकजुट होकर इनकी यह मंशा को सफल नहीं होने देंगे उक्त बातें आज वामदलों सहित देश के तमाम जनसंगठनो द्वारा नागरिकता संशोधन बिल व एन आर सी के खिलाफ आयोजित 19 दिसम्बर को देशव्यापी विरोध दिवस के तैयारी में लगे स्वराज अभियान के नेता व मजदूर किसान मंच के प्रभारी अजय राय ने कहा।
उन्होंने कहा कि यह बिल पूर्णरूपेण भारतीय संविधान का उल्लंघन करता हैं। जहां इसका उद्देश्य भारतीय गणतंत्र के धर्मनिरपेक्ष एंव जनतांत्रिक बुनियाद को नष्ट करना है वहीं यह सांप्रदायिक विभाजन और सामाजिक ध्रवीकरण तीव्र करेगा जिससे हमारे देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा होगा।अब हमें नागरिकता संशोधन बिल के तहत हमें नागरिक होने का प्रमाण देना होगा।
उन्होंने कहा कि मोदी शाह व भाजपा सरकार द्वारा एनआरसी पूरे देश के लिए घोषित करने और फिर नागरिकता बिल लाने का मकसद भारतीय गणराज्य के धर्मनिरपेक्ष और जनतांत्रिक चरित्र को बदलकर उसकी जगह हिंदुत्व राष्ट बनाना हैं लेकिन हम सभी जानतें है कि धार्मिक भेदभाव से ऊपर कायम साझी शहादत साझी विरासत की एकता के बदौलत ही हमारा देश आजाद हो सका था। आज भाजपा आर एस एस इस एकता को तोड़ देना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि हमारे देश में साझी शहादत,साझी विरासत साझी नागरिकता की परम्परा हैं ।भाजपा अपने राजनैतिक स्वार्थ के लिए इस पर हमला कर रहीं हैं।यह सरकार अंग्रेजों के रास्ते पर चल रहीं है और आपसी सौहार्द्घ को विगाड़ना चाहती हैं।
उन्होंने कहा कि 19 दिसम्बर 1927 को अशफाकउल्ला खान और रामप्रसाद बिस्मिल को अंग्रेजों ने फांसी दिया था।अशफाक व बिस्मिल की शहादत और दोस्ती हमारी साझा विरासत का सबूत हैं।दोस्ती और विरासत की परम्परा को आगे बढाने के लिए 19 दिसम्बर को नागरिकता संशोधन बिल का विरोध में सड़क पर उतर कर भाजपा के नफरत की राजनीति का मुखालफत करना हैं व साझी शहादत साझी विरासत की परम्परा को आगें बढ़ाना होगा।
उन्होंने कहा कि यह बिल पूर्णरूपेण भारतीय संविधान का उल्लंघन करता हैं। जहां इसका उद्देश्य भारतीय गणतंत्र के धर्मनिरपेक्ष एंव जनतांत्रिक बुनियाद को नष्ट करना है वहीं यह सांप्रदायिक विभाजन और सामाजिक ध्रवीकरण तीव्र करेगा जिससे हमारे देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा होगा।अब हमें नागरिकता संशोधन बिल के तहत हमें नागरिक होने का प्रमाण देना होगा।
उन्होंने कहा कि मोदी शाह व भाजपा सरकार द्वारा एनआरसी पूरे देश के लिए घोषित करने और फिर नागरिकता बिल लाने का मकसद भारतीय गणराज्य के धर्मनिरपेक्ष और जनतांत्रिक चरित्र को बदलकर उसकी जगह हिंदुत्व राष्ट बनाना हैं लेकिन हम सभी जानतें है कि धार्मिक भेदभाव से ऊपर कायम साझी शहादत साझी विरासत की एकता के बदौलत ही हमारा देश आजाद हो सका था। आज भाजपा आर एस एस इस एकता को तोड़ देना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि हमारे देश में साझी शहादत,साझी विरासत साझी नागरिकता की परम्परा हैं ।भाजपा अपने राजनैतिक स्वार्थ के लिए इस पर हमला कर रहीं हैं।यह सरकार अंग्रेजों के रास्ते पर चल रहीं है और आपसी सौहार्द्घ को विगाड़ना चाहती हैं।
उन्होंने कहा कि 19 दिसम्बर 1927 को अशफाकउल्ला खान और रामप्रसाद बिस्मिल को अंग्रेजों ने फांसी दिया था।अशफाक व बिस्मिल की शहादत और दोस्ती हमारी साझा विरासत का सबूत हैं।दोस्ती और विरासत की परम्परा को आगे बढाने के लिए 19 दिसम्बर को नागरिकता संशोधन बिल का विरोध में सड़क पर उतर कर भाजपा के नफरत की राजनीति का मुखालफत करना हैं व साझी शहादत साझी विरासत की परम्परा को आगें बढ़ाना होगा।
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