मरदह (गाजीपुर): क्षेत्र का माँ वनदेवी मंदिर भारत संविधान के निर्माता डां भीमराव अम्बेडकर महापरिनिर्वाण दिवस के दिन शुक्रवार को दहेज रहित शादी का साक्षी बना। एक जोड़े ने दहेज प्रथा के खिलाफ संघर्ष का आशीर्वाद मां वनदेवी से लिया। गाँव नखतपुर के मूल निवासी रामरतन चौहान की सुपुत्री सरोजा चौहान ने ग़ाज़ीपुर निवासी संजय चौहान के संग सात फेरे लिए। शादी में नव विवाहित जोड़े की उपस्थित लोगों ने जमकर सराहना की।
वर्तमान समय में समाज दहेज के चक्रब्यूह और फिजूल खर्च के दिखावे के आडम्बर में डूब चुका है जिससे मध्यम परिवारों के समक्ष गंभीर समस्याएं पैदा होती जा रही है। ऐसे में दहेज रहित यह विवाह लोगों के लिए मक्षाल कायम करेगा । ग़ाज़ीपुर के तेजतर्रार और होनहार युवाओं के मार्गदर्शन करने वाले मनिहारी ब्लॉक के पवन कुमार चौहान और धामूपुर गांव निवासी समाजसेवी अनिकेत चौहान की देखरेख में यह पहली दहेज रहित शादी संपन्न हुई।
मौके वर के पक्ष से राजू चौहान,राहुल,मनीष ,अंता देवी शिला,पार्वती देवी और वधू के पक्ष से पुष्पा देवी,बविता,सुकली देवी,कवींद्र,रणविजय,संजय चौहान,सोनू भानुप्रताप चौहान आदि लोग मौजूद थे। माँ वनदेवी धाम में संपन्न हुई शादी की खासियत यह रही कि दोनों पक्ष आर्थिक रूप से सक्षम होने के बावजूद न सिर्फ दहेज रहित शादी किये बल्कि शादी में फिजूल खर्ची रोक कर आम लोगों को बर्बाद होने से रोकने का संदेश दिया।
वर्तमान समय में समाज दहेज के चक्रब्यूह और फिजूल खर्च के दिखावे के आडम्बर में डूब चुका है जिससे मध्यम परिवारों के समक्ष गंभीर समस्याएं पैदा होती जा रही है। ऐसे में दहेज रहित यह विवाह लोगों के लिए मक्षाल कायम करेगा । ग़ाज़ीपुर के तेजतर्रार और होनहार युवाओं के मार्गदर्शन करने वाले मनिहारी ब्लॉक के पवन कुमार चौहान और धामूपुर गांव निवासी समाजसेवी अनिकेत चौहान की देखरेख में यह पहली दहेज रहित शादी संपन्न हुई।
मौके वर के पक्ष से राजू चौहान,राहुल,मनीष ,अंता देवी शिला,पार्वती देवी और वधू के पक्ष से पुष्पा देवी,बविता,सुकली देवी,कवींद्र,रणविजय,संजय चौहान,सोनू भानुप्रताप चौहान आदि लोग मौजूद थे। माँ वनदेवी धाम में संपन्न हुई शादी की खासियत यह रही कि दोनों पक्ष आर्थिक रूप से सक्षम होने के बावजूद न सिर्फ दहेज रहित शादी किये बल्कि शादी में फिजूल खर्ची रोक कर आम लोगों को बर्बाद होने से रोकने का संदेश दिया।
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